संदेश

कावड यात्रा

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वर्तमान समय में चल रहे भक्ति की श्रद्धा से भगत भक्ति में इतने लीन हो जाते हैं कि वह अपने सत ग्रंथों की बात मानते नहीं और मनमाना आचरण करते हैं जैसा कि हम आपको बताते हैं कि इस समय कावड़ यात्रा ज्यादा चल रही है और इससे भगवान खुश होने का तो नहीं बल्कि हम पाप इकट्ठा कर रहे हैं आप इस प्रकार है कि शास्त्रों में कभी नहीं लिखा कि आप पैदल कहीं यात्रा करो भगवान को घर बैठे पाया जा सकता है उनके गुणों से परिचित होकर और यह कावड़ यात्रा से पैदल चल रहे भक्तों से कितने जीव मरते हैं यह अंदाजा उन्होंने अभी तक नहीं लगाया जिस दिन लगाएंगे उस दिन पाप का भार अपने सिर पर चढ़ेगा इसलिए हमारे साथ ग्रंथों में उल्लेख किया गया है और भगवान को पाने की विधि बताई गई है यह मनमानी पूजा है अपने साथ ग्रंथों के अनुसार भक्ति विधि नहीं है  वर्तमान समय में पूरे विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज शास्त्र के अनुसार भक्ति बता रहे हैं जिनके नाम दीक्षा ली और सर्व सुख प्राप्त करें

नशा

शहर के युवाओं के लिए स्मैक खरीदना आसान सी बात है, लेकिन कानून व्यवस्था से जुड़ी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं कि अवैध स्मैक का कारोबार शहर में कहां और किस तरह हो रहा है। उपखंड क्षेत्र के हर गांवों में युवाओं स्मैक तस्कर खुलेआम स्मैक बेचते है। एवं अब स्थिति यह बन गई है कि शहर के मुख्य बाजार चौराहों पर भी खुलेआम स्मैक की पुडिय़ां बिकने लगी है। जो 1 ग्राम स्मैक 1500 रुपए में खरीद होती है, जो 4 हजार रुपए तक बिकती है। शहर की रगों में नशा बसता जा रहा है। दिनों दिन नशे की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। कभी चोरी छिपे बिकने वाले नशे का सामान, आज धड़ल्ले से बिक रहा है। स्मैक के धुएं से जवानी सुलग रही और नशीले इंजेक्शन नशों में उतारे जा रहे हैं। शहर की गली-गली में नशे के दीवाने झूमते दिख रहे हैं। सुनसान स्थानों पर स्मैक और नशीले इंजेक्शन लगाते देखे जा सकते हैं। नशे के आदी युवाओं की बर्बादी का मंजर खुलेआम शहर में चलता जा रहा है। वही शहर में सबसे ज्यादा युवाओं के अंदर स्मैक का नंशा फैल रहा है। जो युवाओं के परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। कई स्थानों पर हो रही स्मैक की बिक्री युवाओं को बर्बाद कर रही...

नाग पुजा

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नाम पुजा से साधक को कुछ लाभ नहीं मिलता क्युकि यह शास्त्र विरुद्ध साधना हैं  और यह साधना करते करते साधक को लाभ मिल रहा है  तो वह आनंद पिछले कर्मो के अनुसार मिल रहा है  इसके लिए सतगुरु संत रामपाल जी महाराज अपने शास्त्रो के अनुसार बताते हैं कि हमे इससे कोई लाभ नही मिलता और ना ही मोक्ष मिलता।  इसका वर्णन " गीता अध्याय 16 श्लोक 23 मे लिखा है कि जो साधक शास्त्र विधि को त्याग कर मन माना आचरण करता है उसे ना कोई सिद्धि प्राप्त होती ना कोई सुख प्राप्त होता ना कोई गति (मोक्ष) प्राप्त होता है।  इसलिए संत रामपाल जी ही पुरे विश्व मे संत भक्ति और शास्त्रो के अनुसार साधना बताते हैं । अधिक जानकारी के लिए 👇👇👇 इन चैनल पर visit करे। 

पवित्र बाइबिल

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पवित्र बाइबल - उत्पत्ति 1:29 जितने बीज वाले छोटे छोटे पेड . सारी पृथ्वी के ऊपर है और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं , वे सब मैंने तुम को दिए हैं , वे तुम्हारे भोजन के लिये है , स्पष्ट है परमेश्वर ने मनुष्य के खाने के लिए शाकाहारी भोजन दिया । ईसाई भाई मांस खाकर प्रभु के आदेश का उलंघन कर रहे हैं ।

कबीर साहेब

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कबीर साहेब का प्रकट दिवस होता है , जयंती नहीं ! सन् 1398 ( विक्रमी संवत् 1455 ) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को सुबह - सुबह ब्रह्ममुहुर्त में अपने सत्यलोक से सशरीर आकर परमेश्वर कबीर बालक रूप बनाकर लहरतारा तालाब पर कमल के फूल पर विराजमान हुए । पूर्ण परमात्मा का माँ के गर्भ से जन्म नहीं होता ।

कबीर साहेब प्रकट दिवस

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Kabir Saheb Manifest Day कबीर साहेब का प्रकट दिवस होता है , जयंती नहीं ! सन् 1398 ( विक्रमी संवत् 1455 ) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को सुबह - सुबह ब्रह्ममुहुर्त में अपने सत्यलोक से सशरीर आकर परमेश्वर कबीर बालक रूप बनाकर लहरतारा तालाब पर कमल के फूल पर विराजमान हुए । पूर्ण परमात्मा का माँ के गर्भ से जन्म नहीं होता ।

तत्वज्ञान

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कबीर परमेश्वर जी ने बताया कि ब्रह्मा , विष्णु , महेश की भी जन्म तथा मृत्यु होती है । इनकी माता दुर्गा तथा पिता काल ( ब्रह्म ) हैं । कबीर , मां अष्टंगी पिता निरंजन , ये जम दारुण वंशन अंजन । तीन पुत्र अष्टंगी जाए , ब्रह्मा , विष्णु , शिव नाम धराए ।। अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना टीवी चैनल शाम ७:३९ pm.