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नशा

शहर के युवाओं के लिए स्मैक खरीदना आसान सी बात है, लेकिन कानून व्यवस्था से जुड़ी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं कि अवैध स्मैक का कारोबार शहर में कहां और किस तरह हो रहा है। उपखंड क्षेत्र के हर गांवों में युवाओं स्मैक तस्कर खुलेआम स्मैक बेचते है। एवं अब स्थिति यह बन गई है कि शहर के मुख्य बाजार चौराहों पर भी खुलेआम स्मैक की पुडिय़ां बिकने लगी है। जो 1 ग्राम स्मैक 1500 रुपए में खरीद होती है, जो 4 हजार रुपए तक बिकती है। शहर की रगों में नशा बसता जा रहा है। दिनों दिन नशे की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। कभी चोरी छिपे बिकने वाले नशे का सामान, आज धड़ल्ले से बिक रहा है। स्मैक के धुएं से जवानी सुलग रही और नशीले इंजेक्शन नशों में उतारे जा रहे हैं। शहर की गली-गली में नशे के दीवाने झूमते दिख रहे हैं। सुनसान स्थानों पर स्मैक और नशीले इंजेक्शन लगाते देखे जा सकते हैं। नशे के आदी युवाओं की बर्बादी का मंजर खुलेआम शहर में चलता जा रहा है। वही शहर में सबसे ज्यादा युवाओं के अंदर स्मैक का नंशा फैल रहा है। जो युवाओं के परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। कई स्थानों पर हो रही स्मैक की बिक्री युवाओं को बर्बाद कर रही...

नाग पुजा

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नाम पुजा से साधक को कुछ लाभ नहीं मिलता क्युकि यह शास्त्र विरुद्ध साधना हैं  और यह साधना करते करते साधक को लाभ मिल रहा है  तो वह आनंद पिछले कर्मो के अनुसार मिल रहा है  इसके लिए सतगुरु संत रामपाल जी महाराज अपने शास्त्रो के अनुसार बताते हैं कि हमे इससे कोई लाभ नही मिलता और ना ही मोक्ष मिलता।  इसका वर्णन " गीता अध्याय 16 श्लोक 23 मे लिखा है कि जो साधक शास्त्र विधि को त्याग कर मन माना आचरण करता है उसे ना कोई सिद्धि प्राप्त होती ना कोई सुख प्राप्त होता ना कोई गति (मोक्ष) प्राप्त होता है।  इसलिए संत रामपाल जी ही पुरे विश्व मे संत भक्ति और शास्त्रो के अनुसार साधना बताते हैं । अधिक जानकारी के लिए 👇👇👇 इन चैनल पर visit करे।