कबीर प्रकट दिवस
' तलवार से मारने की कुचेष्टा कबीर साहेब को मारने के लिए शेखतकी ने तलवार से वार करवाये । लेकिन तलवार कबीर साहेब के आर पार हो जाती क्योंकि कबीर साहेब का शरीर पाँच तत्व का नहीं बना था उनका नूरी शरीर था । फिर सभी लोगों ने कबीर साहेब की जय जयकार की । साहेब कबीर को मारण चाल्या , शेखतकी जलील । आर पार तलवार निकल ज्या , समझा नहीं खलील ।।