शहर के युवाओं के लिए स्मैक खरीदना आसान सी बात है, लेकिन कानून व्यवस्था से जुड़ी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं कि अवैध स्मैक का कारोबार शहर में कहां और किस तरह हो रहा है। उपखंड क्षेत्र के हर गांवों में युवाओं स्मैक तस्कर खुलेआम स्मैक बेचते है। एवं अब स्थिति यह बन गई है कि शहर के मुख्य बाजार चौराहों पर भी खुलेआम स्मैक की पुडिय़ां बिकने लगी है। जो 1 ग्राम स्मैक 1500 रुपए में खरीद होती है, जो 4 हजार रुपए तक बिकती है। शहर की रगों में नशा बसता जा रहा है। दिनों दिन नशे की जड़ें मजबूत होती जा रही हैं। कभी चोरी छिपे बिकने वाले नशे का सामान, आज धड़ल्ले से बिक रहा है। स्मैक के धुएं से जवानी सुलग रही और नशीले इंजेक्शन नशों में उतारे जा रहे हैं। शहर की गली-गली में नशे के दीवाने झूमते दिख रहे हैं। सुनसान स्थानों पर स्मैक और नशीले इंजेक्शन लगाते देखे जा सकते हैं। नशे के आदी युवाओं की बर्बादी का मंजर खुलेआम शहर में चलता जा रहा है। वही शहर में सबसे ज्यादा युवाओं के अंदर स्मैक का नंशा फैल रहा है। जो युवाओं के परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। कई स्थानों पर हो रही स्मैक की बिक्री युवाओं को बर्बाद कर रही...
कबीर परमेश्वर जी ने बताया कि ब्रह्मा , विष्णु , महेश की भी जन्म तथा मृत्यु होती है । इनकी माता दुर्गा तथा पिता काल ( ब्रह्म ) हैं । कबीर , मां अष्टंगी पिता निरंजन , ये जम दारुण वंशन अंजन । तीन पुत्र अष्टंगी जाए , ब्रह्मा , विष्णु , शिव नाम धराए ।। अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना टीवी चैनल शाम ७:३९ pm.
कसाई का उद्धार गरीब , राम नाम सदने पीया , बकरे के उपदेश । अजामेल से उधरे , भक्ति बंदगी पेश ।। एक सदन नाम का कसाई था । संत गरीबदास जी ने बताया है कि परमेश्वर कबीर जी कहते हैं कि जो मेरी शरण में किसी जन्म में आया है , मुक्त नहीं हो पाया , मैं उसको मुक्त करने के लिए कुछ भी लीला कर देता हूँ । ऐसे ही सदन कसाई को शरण में लेकर सतभक्ति कराकर उद्धार किया था । कबीर परमात्मा की अद्भुत लीलाएं बली राजा की यज्ञ में बावना बने । फिर विशाल रूप किया । गज तथा मगरमच्छ युद्ध कर रहे थे तो उनकी भी गति भक्ति अनुसार की । द्रोपदी का चीर भी परमात्मा कबीर जी ने बढ़ाया । द्रोपदी श्री कृष्ण की भक्त थी । इसलिए बड़ाई कृष्ण को मिली ।
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