कबीर साहिब की लीलाएं

कसाई का उद्धार गरीब , राम नाम सदने पीया , बकरे के उपदेश । अजामेल से उधरे , भक्ति बंदगी पेश ।। एक सदन नाम का कसाई था । संत गरीबदास जी ने बताया है कि परमेश्वर कबीर जी कहते हैं कि जो मेरी शरण में किसी जन्म में आया है , मुक्त नहीं हो पाया , मैं उसको मुक्त करने के लिए कुछ भी लीला कर देता हूँ । ऐसे ही सदन कसाई को शरण में लेकर सतभक्ति कराकर उद्धार किया था ।

कबीर परमात्मा की अद्भुत लीलाएं बली राजा की यज्ञ में बावना बने । फिर विशाल रूप किया । गज तथा मगरमच्छ युद्ध कर रहे थे तो उनकी भी गति भक्ति अनुसार की । द्रोपदी का चीर भी परमात्मा कबीर जी ने बढ़ाया । द्रोपदी श्री कृष्ण की भक्त थी । इसलिए बड़ाई कृष्ण को मिली ।

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